छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पिछले करीब 3 साल से हाथियों के दल का एक नया टेरर कैंप बना हुआ है. जिले का सिरपुर क्षेत्र हाथियों की ऐशगाह बन गया है, जहां 42 गांवों के लिए हाथी का मतलब साक्षात यमदूत है. गांव वालों को न दिन में चैन है और ना ही रात में सुकून. हाथी कभी भी किसी भी गांव में घुस जाते हैं और उत्पात मचाते हैं. इस क्षेत्र के लोग 3 साल से डर के साये में जी रहे हैं. इन्हीं 42 गांवों में से एक गांव लहंगर है, जहां करीब 1500 की आबादी है. हाथियों के डर से इस गांव के बेटे-बेटियां ने अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी है. पिछले 2 सालों में पालकों ने जिला प्रशासन से लेकर शिक्षा सचिव, शिक्षा मंत्री और सीएम तक को अपनी समस्या से अवगत कराया. अब इससे परेशान ग्रामीणों ने इस समस्या का कोई हल नहीं निकाले जाने पर सड़क की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है. हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी ने समस्या को गंभीर मानते हुए आगामी सत्र शुरू होने के पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही है.from Latest News छत्तीसगढ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2IytZxe
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