जिले के घाट बंका गांव की रहने वाली मोसमात वृंदा ने अपनी बहु मीरा के नाम पर मुखिया से एक आवास की स्वीकृति करवाई थी जिसकी एवज में मुखिया ने तीस हजार की मांग रखी थी. पीड़ितों ने मुखिया को 5-5 हजार रुपए की तीन किश्त उसे दे भी दी, लेकिन इसके बाद भी मुखिया ने और पैसों की मांग की. बकायी रकम नहीं मिलने से वृंदा के घर पहुंचा और मारपीट की. पीड़ितों ने आरोपी मुखिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है, लेकिन मुखिया के दबाव के चलते पीड़ित परिवार को ही परेशान कर रही है. पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीणों को घर के लिए मिलने वाली राशि में से कितना गरीबों को मिल पाता है यह इससे पता चलता है. बहरहाल, ऐसा सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई मामलों में देखा जाता है जहां सरकारी योजनाओं के नाम पर रसुखदार गरिबों का दोहन करते हैं.from Latest News झारखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2HAoxW1
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