साल 2011 के अंत में मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़कर डॉग बोर्डिंग शुरू की तो लोग संवेदना जताते. कोई-कोई हैरानी भी. बच्चों का झूलाघर तो फिर भी समझ में आता है, भला कुत्तों के लिए झूलाघर की क्या जरूरत! आज मेरे पास लगभग 2000 क्लाइंट्स हैं, जो अपने डॉग्स को दिनभर के लिए मेरे पास छोड़ जाते हैं.from Latest News वेलनेस News18 हिंदी https://ift.tt/2LHOeGF
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