रिटायरमेंट के मायने घर बैठना, बागवानी या रिश्तेदारियां ही नहीं होतीं, ये एक नए करियर की शुरुआत भी हो सकती है. या फिर लंबे वक्त से कोल्ड स्टोरेज में सुस्ता रहे सपनों को जीने का मौका. असम के भूतपूर्व डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) मुकेश सहाय ने ऐसा ही कुछ किया. पुलिस में सबसे ऊंचे ओहदे की नौकरी से रिटायर होने के अगले ही रोज से वे सरकारी स्कूल में गणित पढ़ाने लगे.from Latest News ट्रेंड्स News18 हिंदी https://ift.tt/2kyhswk
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