दुमका के विश्व प्रसिद्ध बासुकीनाथ मंदिर में सावन महीने में पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अर्घा सिस्टम से जलार्पण करना पड़ सकता है. जिला प्रशासन इस पर विचार कर रहा है. डीसी मुकेश कुमार ने कहा कि सावन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाया करती है. सावन के सोमवार और मंगलवार को भीड़ अप्रत्याशित होती है जिसे नियंत्रित करना चुनौती भरा होता है. मंदिर का गर्भ गृह छोटा होने तथा प्रवेश और निकास के लिए एक ही दरवाजा होने के कारण भक्तों को काफी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी पक्षों से वार्ता के बाद इस संदर्भ में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.from Latest News झारखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2xefgn0
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